STORYMIRROR

दुनिया सुबह शाम रोपण कर डंका इंसान जीवन इन दिखावे वालें अपनों से... मूर्ती खूबसूरत शाम कायर मत बन गरीब तब परमात्मा मैं कोई और नहीं रोमांस प्रेम शाम से गुपचुप बातें लेकिन तू चाय के साथ वाली नमकिन नही... हो सके तोह दूर ही रहना बजता स्त्री विमर्श

Hindi लेकिन अब हकीकत में मुमकिन नही... सुबह वाली चाय तोह मैं बन ही जाऊँगा Audios

द्वारा लिखित संदीप शर्मा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश

द्वारा वाचन RAMAN SHARMA